सरल शब्दों में कहें तो, ‘लॉट’ शेयरों का एक तय किया हुआ बंडल या समूह होता है। जिस तरह आप बाजार में जाकर 1 केला खरीदने के बजाय ‘1 दर्जन’ (12 केले) का पूरा गुच्छा खरीदते हैं, ठीक वैसे ही फ्यूचर्स और ऑप्शंस मार्केट में एक्सचेंज (NSE/BSE) हर स्टॉक और इंडेक्स के लिए एक संख्या तय कर देता है। इसे ही ‘लॉट साइज’ कहते हैं।
1. इंडेक्स लॉट साइज (Nifty, Bank Nifty) २०२६
सेबी (SEBI) समय-समय पर लॉट साइज में बदलाव करता रहता है ताकि ट्रेडिंग में जोखिम को कम किया जा सके। २०२६ के मौजूदा रुझानों के अनुसार:
- Nifty 50: इसका 1 लॉट 25 से 75 शेयर के बीच हो सकता है (यह इंडेक्स की वैल्यू पर निर्भर करता है)।
- Bank Nifty: इसका 1 लॉट आमतौर पर 15 शेयर का होता है।
- Finnifty: इसका 1 लॉट 25 शेयर का होता है।
2. स्टॉक लॉट साइज (Reliance, TCS, etc.)
हर कंपनी के शेयर के लिए लॉट साइज अलग होता है। नियम यह है कि एक लॉट की कुल वैल्यू शुरुआती समय में लगभग ₹5 लाख से ₹10 लाख के बीच होनी चाहिए।
- महंगे शेयर (जैसे MRF): इनका लॉट साइज बहुत छोटा होता है (जैसे 5 या 10 शेयर)।
- सस्ते शेयर (जैसे Tata Motors): इनका लॉट साइज बड़ा हो सकता है (जैसे 1425 शेयर)।
लॉट साइज का उदाहरण (Scenario)
| इंडेक्स / स्टॉक | 1 लॉट में शेयर | क्यों ज़रूरी है? |
| Nifty 50 | 75 शेयर | ट्रेडिंग में एकरूपता के लिए |
| Bank Nifty | 15 शेयर | लिक्विडिटी बनाए रखने के लिए |
| Reliance | 250 शेयर | बड़े ट्रेडर्स को आकर्षित करने के लिए |
| Tata Steel | 5500 शेयर | कम कीमत वाले शेयरों के लिए |
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महत्वपूर्ण जानकारी: डिलीवरी vs ऑप्शंस
- Cash Market (Delivery): अगर आप शेयर खरीदकर होल्ड करना चाहते हैं (जैसे २०२६ के लिए इन्वेस्टमेंट), तो लॉट साइज का कोई बंधन नहीं है। आप 1 शेयर भी खरीद सकते हैं।
- F&O Market: यहाँ आपको अनिवार्य रूप से कम से कम 1 लॉट खरीदना ही होगा। आप 1.5 लॉट नहीं खरीद सकते, आपको 1, 2, 3 (मल्टीपल) में ही ट्रेड करना होगा।
Disclaimer
यह article सिर्फ education और knowledge purpose के लिए है। इसमें लिखी गई जानकारी को investment advice न समझें। किसी भी तरह का निवेश करने से पहले अपने financial advisor से सलाह लें।
